जीवन में सफलता पाने के लिए भाग्य का इंतज़ार मत करिये । क्योकि भाग्य का निर्धारण कर्म के आधार पर होता है, इसलिए अपने जीवन में कर्म, अनुशासन और सकारात्मक सोच को इतना मजबूत बना दो कि सफलता स्वयं आपका रास्ता खोज ले।
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

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