अवसर पहचाने वाले ही जीवन में सफल होते
हम सभी के जीवन में अवसर आते हैं। कभी वे बहुत छोटे होते हैं और कभी वे हमारे पूरे जीवन को बदलने की क्षमता रखते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अवसर हमेशा हमें स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। कई बार हम उन्हें साधारण घटना समझकर छोड़ देते हैं और बाद में पछताते हैं। इसलिए कहा जाता है कि “जो व्यक्ति अवसर को पहचान लेता है, वही जीवन में सफलता प्राप्त करता है”।
आज मैं इसी बात को एक सुंदर कहानी के माध्यम से समझाना चाहता हूँ।

अवसर का महत्व
एक व्यक्ति ने कहीं से पढ़ रखा था कि गंगा नदी के किनारे पड़े पत्थरों में एक पारस का पत्थर भी होता है। कहा जाता है कि पारस पत्थर लोहे को छू ले तो वह सोना बन जाता है। यह बात सुनकर उस व्यक्ति के मन में पारस पत्थर को खोजने की इच्छा जागीऔर वह गंगा नदी के किनारे पहुँच गया।
वह व्यक्ति प्रतिदिन गंगा के किनारे घूमता और वहाँ पड़े पत्थरों को उठाकर ध्यान से देखता। वह एक पत्थर उठाता, उसे उलट-पलटकर देखता और यदि वह पारस पत्थर नहीं होता तो उसे वापस गंगा में फेंक देता। फिर दूसरा पत्थर उठाता और उसी तरह जाँच करता। यह क्रम लगातार पुरे दिन चलता रहता ।
वर्ष बीतते गए। वह व्यक्ति रोज उसी काम में लगा रहा। धीरे-धीरे उसे पत्थर उठाने और गंगा में फेंकने की आदत सी पड़ गई। अब वह बिना सोचे-समझे पत्थर उठाता, देखता और पानी में फेंक देता।
एक दिन उसने एक पत्थर उठाया। पहले की तरह उसने उसे देखा और आदत के कारण तुरंत गंगा में फेंक दिया। लेकिन उस पत्थर को फेंकने के बाद उसके मन में अचानक विचार आया कि शायद वह पत्थर पारस पत्थर ही था। उसने तुरंत अपने हाथों को देखा। उसके हाथ में पड़े रेत के कुछ कण सोने में बदल चुके थे। वह समझ गया कि जिस पत्थर की वह वर्षों से तलाश कर रहा था, वह आखिरकार उसके हाथ लग गया था, लेकिन उसकी पुरानी आदत के कारण वह उसे पहचान नहीं पाया और गंगा में फेंक आया।अब उसके पास पछतावे के अलावा कुछ नहीं था।
अवसर हमारे सामने आते हैं, लेकिन यदि हम उन्हें पहचान नहीं पाते तो वे हमारे हाथ से निकल जाते हैं
हमारे जीवन में भी ऐसा ही होता है। विद्यार्थी जीवन में हमें पढ़ाई करने, नई चीजें सीखने, प्रतियोगिताओं में भाग लेने, अपनी प्रतिभा दिखाने और अच्छे लोगों से सीखने के अनेक अवसर मिलते हैं। लेकिन कई बार हम सोचते हैं कि अभी बहुत समय है। हम अपने काम को टालते रहते हैं और जब अवसर निकल जाता है, तब हमें पछतावा होता है।
किसी विद्यार्थी को भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलता है और वह यह सोचकर मना कर देता है कि “मैं अच्छा भाषण नहीं दे पाऊँगा” तो शायद वह यह नहीं जानता कि प्रतियोगिता में भाग लेने से उसका आत्मविश्वास कितना बढ़ सकता है हो सकता है कि वह पुरस्कार न जीते, लेकिन उसे मंच पर बोलने का अनुभव जरूर प्राप्त हो जाता है अगली बार वह और बेहतर कर सकने का अनुभव प्राप्त हो जाता है |
इसी प्रकार यदि किसी विद्यार्थी को चित्रकला, गायन, खेल, विज्ञान मॉडल, लेखन या किसी अन्य गतिविधि में भाग लेने का अवसर मिलता है, तो उसे उसे केवल इस डर से नहीं छोड़ना चाहिए कि वह सफल होगा या नहीं। अवसर का पहला उद्देश्य हमेशा जीतना नहीं होता; कई बार अवसर हमें सीखने और आगे बढ़ने के लिए मिलता है।
हमें यह भी समझना चाहिए कि अवसर हमेशा बड़े रूप में नहीं आते। कभी-कभी एक छोटी-सी मुलाकात, एक छोटी-सी सलाह, एक पुस्तक, एक शिक्षक की बात या किसी प्रतियोगिता में भाग लेना भी हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।
समय की कीमत

कई महान लोगों ने अपने जीवन में मिले छोटे-छोटे अवसरों को पहचानकर बड़ी सफलता प्राप्त की। उन्होंने असफलताओं से डरने के बजाय उनसे सीख ली। वे जानते थे कि जीवन में हर दिन एक नया अवसर लेकर आता है।
समय भी एक बहुत बड़ा अवसर है। हमारे पास हर दिन 24 घंटे होते हैं। अमीर और गरीब, सफल और असफल, सभी को एक दिन में समान समय मिलता है। अंतर केवल इतना होता है कि कोई व्यक्ति उस समय का सही उपयोग करता है और कोई उसे व्यर्थ कर देता है।
विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी अधिक है। यदि हम प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा पढ़ें, नियमित अभ्यास करें, अपने कमजोर विषयों पर ध्यान दें और अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करें, तो भविष्य में सफलता प्राप्त करना आसान हो जाता है। लेकिन यदि हम हर काम को कल पर टालते रहें, तो एक दिन हमें महसूस होगा कि बहुत समय हमारे हाथ से निकल चुका है।
कई बार हम सफलता को केवल भाग्य से जोड़ देते हैं। हम कहते हैं कि अमुक व्यक्ति बहुत भाग्यशाली था, इसलिए उसे सफलता मिल गई। लेकिन वास्तविकता यह है कि केवल अवसर मिलना पर्याप्त नहीं है। अवसर को पहचानना, उसका सही उपयोग करना और उसके लिए मेहनत करना भी जरूरी है।
मान लीजिए किसी विद्यार्थी को परीक्षा से पहले पढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिला, लेकिन उसने पूरा समय मोबाइल देखने या खेल में लगा दिया। परीक्षा के समय उसके पास ज्ञान का अवसर नहीं, बल्कि पछतावे का समय रह जाएगा। दूसरी ओर, जो विद्यार्थी मिले हुए समय का सदुपयोग करता है, वह अपनी तैयारी बेहतर कर सकता है।
अवसर + सही समय + मेहनत = सफलता
लेकिन कभी-कभी हमें अवसर दिखाई ही नहीं देता। इसका कारण हमारी सोच भी हो सकती है। यदि हम हमेशा नकारात्मक सोचते हैं, तो हर परिस्थिति में समस्या दिखाई देगी। यदि हम सकारात्मक सोचते हैं, तो समस्या के अंदर भी अवसर खोज सकते हैं।
एक कठिन परीक्षा हमें अपनी कमियों को पहचानने का अवसर देती है। एक असफलता हमें अपनी गलतियों से सीखने का अवसर देती है। किसी प्रतियोगिता में हार हमें अपनी तैयारी बेहतर करने का अवसर देती है। किसी की आलोचना हमें अपने अंदर सुधार करने का अवसर देती है।
इसलिए असफलता को अंत नहीं समझना चाहिए। असफलता कई बार सफलता की शुरुआत होती है।हमें अपने जीवन में कुछ आदतों को अपनाना चाहिए ताकि हम अवसरों को पहचान सकें।
- पहली आदत —सजग रहना। हमें अपने आसपास की घटनाओं और संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
- दूसरी आदत —नई चीजें सीखना। जितना अधिक हम सीखेंगे, उतने अधिक अवसरों को समझ पाएँगे।
- तीसरी आदत —डर पर नियंत्रण रखना। कई बार अवसर हमारे सामने होता है, लेकिन हम असफलता के डर से उसे स्वीकार नहीं करते।
- चौथी आदत —समय का सम्मान करना। जो अवसर आज मिला है, वह जरूरी नहीं कि कल भी मिले।
- पाँचवीं आदत —मेहनत करना। केवल अवसर की प्रतीक्षा करने से सफलता नहीं मिलती। अवसर मिलने के बाद उसका सही उपयोग करना पड़ता है।
- सबसे महत्वपूर्ण बात —पछतावे के बजाय प्रयास करना। यदि कोई अवसर हमारे हाथ से निकल गया है, तो हमें हमेशा उसके बारे में सोचकर दुखी नहीं होना चाहिए। हमें अगला अवसर पहचानने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उस व्यक्ति की तरह नहीं बनना चाहिए जिसने वर्षों तक पारस पत्थर खोजा, लेकिन जब वह उसके हाथ में आया तो अपनी आदत के कारण उसे पहचान नहीं पाया। उसकी सबसे बड़ी गलती यह नहीं थी कि उसे पारस पत्थर नहीं मिला। उसकी सबसे बड़ी गलती यह थी कि वह अवसर आने के बाद भी जागरूक नहीं हुआ।
हमारे जीवन में भी ऐसे अनेक “पारस पत्थर” आ सकते हैं। कोई शिक्षक हमें कोई अच्छी सलाह दे सकता है। माता-पिता हमें किसी काम के लिए प्रेरित कर सकते हैं। कोई मित्र हमें किसी अच्छी गतिविधि में शामिल होने के लिए कह सकता है। हमें किसी प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिल सकता है। हमें कोई ऐसी पुस्तक मिल सकती है जो हमारी सोच बदल दे। ये सभी हमारे जीवन के पारस पत्थर हो सकते हैं।इसलिए हमें हर अच्छी संभावना को ध्यान से देखना चाहिए।
प्रिय साथियों, हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि अवसर केवल बड़े लोगों के लिए होते हैं। अवसर हर व्यक्ति के जीवन में आते हैं। एक विद्यार्थी भी अपने जीवन को बदल सकता है। आज की एक अच्छी आदत भविष्य में बड़ी सफलता बन सकती है।
- यदि आज हमें पढ़ने का अवसर मिला है, तो पढ़ें।
- यदि आज हमें सीखने का अवसर मिला है, तो सीखें।
- यदि आज हमें किसी की सहायता करने का अवसर मिला है, तो सहायता करें।
- यदि आज हमें अपनी गलती सुधारने का अवसर मिला है, तो उसे स्वीकार करें।
- यदि आज हमें अपने सपने की ओर एक कदम बढ़ाने का अवसर मिला है, तो उस कदम को जरूर उठाएँ।
अंत में मैं यही कहना चाहूँगी कि जीवन एक नदी की तरह है। इसमें समय लगातार बहता रहता है। जो क्षण एक बार बीत गया, वह वापस नहीं आता। इसलिए हमें अपने वर्तमान को पहचानना चाहिए और उसका सही उपयोग करना चाहिए।हमें अपने जीवन में आने वाले अवसरों को पहचानना है, उनका सम्मान करना है और मेहनत के साथ उन्हें सफलता में बदलना है।आइए, आज हम सभी यह संकल्प लें कि हम किसी भी अच्छे अवसर को केवल डर, आलस्य या लापरवाही के कारण नहीं छोड़ेंगे। हम समय का सदुपयोग करेंगे, नई चीजें सीखेंगे, असफलताओं से घबराएँगे नहीं और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहेंगे।
“अवसर बार-बार दरवाजे पर दस्तक नहीं देता। जो उसे पहचान लेता है, वही जीवन में आगे बढ़ता है।अवसर हमारे हाथ में आए तो उसे पहचानिए, सँभालिए और उसका सही उपयोग कीजिए, क्योंकि खोया हुआ अवसर अक्सर केवल पछतावा छोड़ जाता है।
धन्यवाद
आप सभी का दिन शुभ और मंगलमय हो।
